पूरे देश में ‘112 ‘ मतलब सुरक्षा नम्बर
केंद्रीय गृह मंत्रालय इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम यानी ईआरएसएस की लांचिग हो गई है। जिसके तहत आज बीकानेर में 12 गाडिय़ों के चालकों को चांबियां सौंपी गई। सेवा से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इसमें पूरे देश में एक ही नंबर 112 होगा, जिसे डायल कर कोई भी व्यक्ति आपात स्थिति में सरकारी एजेंसी से सुरक्षा ले सकेगा। इस सुविधा को आग लगने, फायर टैंकर या बीमारी के दौरान तुरंत सहायता पाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकेगा। जहां तक महिलाओं और बच्चों की बात है तो वे भी इमरजेंसी के दौरान 112 इंडिया एप में मौजूद स्पेशल शॉउट फीचर के जरिए नजदीक में मौजूद रजिस्टर्ड वॉलंटियर से सहायता ले सकते हैं और ये सब सहायता जरूरतमंद को पैनिक बटन दबाते ही मिल सकेगी।

इस तरह करें इस्तेमाल सबसे पहले कोई भी व्यक्ति 112 डायल करे। अगर आप 112 डायल नहीं कर सकते हैं तो आप स्मार्टफोन में मौजूद पावर बटन को 3 बार दबाकर भी सहायता ले सकते हैं। अगर आपके पास स्मार्टफोन नहीं है तो आप फोन से 5 या 9 नंबर अपने दबाकर ईआरएसएस से सहायता ले सकते हैं। इसके अलावा आप ईआरएसएस वेबसाइट से भी लॉगिन कर सहायता ली जा सकती है। एप के जरिए भी सेवा का लाभ लिया जा सकता है।
क्या है डायल 112 योजना राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए डेडिकेटेड इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम स्थापित करने का प्रोग्राम तैयार किया है। इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम में आने वाली कॉल को पुलिस मॉनिटर करेगी। हर प्रदेश में कॉल ट्रैकर और कॉल मॉनिटर करने के लिए अलग से कंट्रोल रूम बनाया जाएगा। जिससे ट्रेंड कॉल ट्रैकर इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम के समय तत्काल काम कर सकेंगे। इस बारे में अधिकारियों ने बताया कि अब 100 नंबर 112 पर शिफ्ट किया जाएगा। लेकिन जब तक लोगों का इसका पता न चले, तब तक दोनों नंबर चलेंगे। जागरुकता के बाद धीरे-धीरे 100 नंबर बंद कर दिया जाएगा। अभी कोई भी नंबर बंद नहीं किए जाएंगे। लोग जल्द समझ जाएंगे
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