ढींगसरी की बेटियों को मिली चार खेल मैदान व गर्ल्स हॉस्टल की सौगात, केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह ने किया उद्घाटन
बीकानेर। यह एक सार्वभौमिक सत्य है कि यदि किसी भी कार्य को मेहनत-लगन से किया जाए तो उसमें सफलता निश्चित रूप से मिलती है। यह बात ढींगसरी गांव में 23 नवम्बर 2025 को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने खेल मैदान व हॉस्टल के उद्घाटन अवसर पर कही। केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने कहा कि जब इन बालिकाओं के पास साधन-संसाधनों की कमी थी तब इन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मेहनत से सफलता प्राप्त की और अब जब चार खेल मैदान, हॉस्टल सहित सभी इक्यूपमेंट की सुविधाएं इन्हें मिल रही है तो समझो पूरा आसमां इनका ही होगा। शेखावत ने कहा कि सबसे पहले बेटियों की मेहनत व कोच विक्रमसिंह राजवी के मार्गदर्शन को सैल्यूट है, उसके बाद बालिकाओं के परिजनों को जिन्होंने फुटबॉल खेलने के लिए सहमति दी। भामाशाहों व सहयोगियों का धन्यवाद व्यक्त करता हंू जिन्होंने गांव की प्रतिभाओं को आगे बढऩे का अवसर दिया। केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत ने बीकाजी के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक अग्रवाल की ओर देखते हुए कहा- जहां बीकाजी व हल्दीराम जैसे सहयोगी हो वहां ऐसी प्रतिभाओं के लिए किसी भी संसाधन की कमी नहीं रह सकती। कोच विक्रम सिंह राजवी ने बताया कि रविवार सुबह हुए इस उद्घाटन समारोह में केन्द्रीय मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत का मुख्य आतिथ्य रहा। कोलायत विधायक अंशुमान सिंह भाटी, बीकाजी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक अग्रवाल, अर्जुन अवार्डी मगन सिंह राजवी, नोखा निवासी भुवनेश्वर प्रवासी उत्कल बिल्डर्स के चैयरपर्सन सुभाष भूरा, प्रकाश भूरा, धर्मचन्द भूरा, पूर्व यूआईटी चैयरमेन महावीर रांका, राजस्थान फुटबॉल एसोसिएशन के सचिव दिलीप सिंह शेखावत, कोच विक्रम सिंह राजवी आदि मंचासीन रहे। चंद्रवीर सिंह राजवी ने बताया कि मैदान के लिए प्रथम बार जिन लोगों ने सहयोग किया उनका कार्यक्रम के दौरान केन्द्रीय मंत्री शेखावत ने अभिनंदन किया गया। राजवी ने बताया कि उत्कल व बीकाजी के सहयोग से जल्द ही बालिकाओं के मार्गदर्शन हेतु दो नए कोच लगाए जाएंगे। समारोह में स्वागत उद्बोधन कुंजन कंवर ने दिया तथा चंद्रवीर सिंह राजवी ने कार्यक्रम का संचालन किया। कार्यक्रम में युधिष्ठर सिंह भाटी, करणप्रताप सिंह सिसोदिया, कोलायत पूर्व प्रधान जयवीर सिंह भाटी, भूपेन्द्र सिंह कक्कू, दानवीर सिंह भाटी, राजेन्द्र सिंह, पूर्व डायरेक्टर स्पोर्ट्स एमजीएसयू डॉ. एसएल प्रजापत, जाहिद लोदी, मोहन सिंह नाल एवं खेलप्रेमी व ग्रामीणजन आदि उपस्थित रहे।*

अब विश्वस्तर पर अंकित होगा ढींगसरी का नाम : अंशुमान सिंह
कोलायत विधायक अंशुमान सिंह ने बताया कि कोच विक्रम सिंह के मार्गदर्शन व भामाशाहों के सराहनीय सहयोग से खेल मैदान, हॉस्टल व अन्य कई सुविधाएं मुहैया होने से न केवल ढींगसरी बल्कि आसपास के अनेक गांवों की बालिकाओं को फुटबॉल खेल में विश्वस्तरीय पहचान दिलाएगा। विधायक भाटी ने कहा कि बीकानेर से लगभग 72 किमी दूर नोखा के ढींगसरी गांव के इस खेल मैदान में जहां केवल टिब्बे और उबड़-खाबड़ मैदान था वहां अब हरी दोब का शानदार मैदान है। अब गांव की बेटियां अपनी मेहनत से जल्द ही विश्वस्तर पर ढींगसरी का नाम अंकित करवाएगी। अंशुमान सिंह ने समारोह को सम्बोधित करते हुए कहा कि ढींगसरी गांव के ही भामाशाह जेठमल पंचारिया ने बेटियों के खेल मैदान के लिए दो बीघा जमीन उपलब्ध करवा कर समाज सेवा की सच्ची मिसाल कायम की है।*एक वर्ष में हो गया कायापलट*लगभग एक वर्ष पहले में जब ढींगसरी की बेटियों ने कोच विक्रम सिंह राजवी के मार्गदर्शन में नेशनल टूर्नामेंट में परचम फहराया तो उम्मीदें जगी। अगस्त 2024 में ढींगसरी की बेटियों के नेशनल जीतने के बाद पूर्व मंत्री देवी सिंह भाटी एवं उनके सहयोगियों द्वारा 17 लाख 83 हजार रुपए का सहयोग करके मैदान के काया पलट की शुरुआत की गई। ग्रामीणों ने भी अपनी बेटियों के लिए मेहनत की तथा नोखा निवासी भुवनेश्वर प्रवासी उत्कल बिल्डर्स के चैयरपर्सन सुभाष भूरा के ने एक गर्ल्स हॉस्टल का निर्माण करवाया तथा उनके सहयोगियों द्वारा खेल उपकरण जूते टी-शर्ट व अन्य जरूरत का सामान उपलब्ध हो रहा है। इसी के साथ रामलाल सूरजदेवी रांका चैरिटेबल ट्रस्ट के महावीर रांका, बीकाजी ग्रुप के एमडी दीपक अग्रवाल सहित अनेक भामाशाह आगे आए और तीन घास वह दो बीच फुटबॉल मैदान, गल्र्स हॉस्टल, इक्विपमेंट, ड्रेसेज, डाइट सहित बेहतरीन सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं। *दिनभर स्कूल…. सुबह-शाम खेल का मैदान*कोच विक्रम सिंह राजवी ने बताया कि उनका सपना साकार हो रहा है और गांव की बालिकाएं खेल के क्षेत्र में गौरव बढ़ा रही हैं। उन्होंने बताया कि गांव की मुन्नी भांभू अंडर 17 फुटबॉल टीम की सदस्य है और सीनियर वूमेन टीम के लिए भी उसको कॉल किया गया है। कई वर्षों की मेहनत के बाद बदलाव इतना आया है कि अब खुद परिवार वाले बच्चियों को फुटबॉल खेलने के लिए प्रेरित कर रहे हैं व ग्रामीणजनों का भी भरपूर सहयोग मिल रहा है। इसको देखते हुए लगता ढींगसरी निश्चितरूप से एक दिन मिनी ब्राजील का रूप लेगा।
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