दो दिनों से बारिश : शहर में परेशानी तो खलिहानों में बनी जीवनदायनी
बीकानेर। रविवार को बीकानेर, नागौर, जयपुर, सीकर, पिलानी, कोटा, चूरू सहित प्रदेश के लगभग 2२ शहरों में बारिश का दौर रहा। बीकानेर में सुबह से दोपहर तक लगभग 62.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण इन दो दिनों में गर्मी भी कम हुई और मौसम सुहाना हो गया है। दो दिन पहले लगभग 37-38 डिग्री पारा था वह रविवार को 28.2 डिग्री दर्ज किया गया। जिले के अनेक स्थानों में बारिश से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि नापासर में तेज बारिश के बीच सड़क पर दौड़ रही दो कारें आमने-सामने भिड़ गई। इनमें सवार दो महिलाएं गंभीर घायल हो गई, जिन्हें ट्रोमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है। लूणकरणसर में नेशनल हाईवे पर वाहनों को रुकना पड़ा। शहर में बारिश के बाद कोटगेट और केईएम रोड पर तेज गति से बहते पानी ने सड़क को नाला बना दिया। जूनागढ़ से गिन्नाणी तक पानी से तरबतर हो गया और आवागमन बंद हो गया। कलेक्ट्रेट में भी पानी भर गया है, जिसे मशीन से बाहर निकाला गया। एमएस कॉलेज के पास जाम के हालात हैं। तेलीवाड़ा, दाऊजी मंदिर रोड और जोशीवाड़ा होते हुए केईएम रोड तक पहुंच गया। गंगाशहर, भीनासर, सुजानदेसर, किसमीदेसर, उदयरामसर, श्रीरामसर, जनता प्याऊ क्षेत्र में सड़कों पर पानी आ जाने से आवागमन बाधित हो गया। घर के बाहर दो-दो फीट पानी जमा है।
मुरझाती खरीफ फसलों को मिला जीवनदान

आधे सावन के बाद आधा भादवा भी बिना बरसात से बीतने से खरीफ बारानी व सिंचित खेती प्रभावित होने लगी थी। इससे बारानी खेती में मोठ, बाजरा, ग्वार की फसलें काफी प्रभावित होकर मुरझा सी गई थी। इस बरसात ने किसानों की खोई मुस्कान लौटा दी है। संयुक्त निदेशक कृषि कैलाश चौधरी ने बताया कि बीकानेर में किसानों द्वारा खरीफ-25 में 12 लाख 82 हजार 242 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ फसलों की बुवाई की गई है। खरीफ में सर्वाधिक क्षेत्रफल में किसानों द्वारा ग्वार की फसल 4 लाख 35 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बोई गई, ग्वार के बाद 3 लाख 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मोठ, 2 लाख 22 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंगफली, 71 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में बाजार, 50 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में कपास तथा 42 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में मूंग की बुवाई हुई है। सिंचित क्षेत्र विकास क्षेत्र में भी 1 लाख 30 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई हुई है। उद्यान विभाग के सहायक निदेशक मुकेश गहलोत ने बताया कि जिले में लगभग 1500 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फल वृक्ष बगीचा किसानों ने लगा रखे हैं। 750 हेक्टेयर क्षेत्र में अनार व 300 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खजूर फल वृक्ष बगीचा हेतु भी यह बारिश उचित बढ़वार व उत्पादन के लिए जीवन दायिनी साबित होगी। ऐसे समय में जिले में शुक्रवार शाम से हो रही अच्छी बरसात से एक ओर जहां किसानों के चेहरे खिले तथा फसलों में रौनक लौट आई है।

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