वृद्ध दंपती हत्या प्रकरण : किरायेदार ही निकला कातिल, तीन गिरफ्तार
बीकानेर। पांच दिन पहले वृद्ध दंपती की हत्या के मामले का शुक्रवार को बीकानेर पुलिस द्वारा पर्दाफाश कर दिया गया है। उक्त प्रकरण का खुलासा प्रेसवार्ता के दौरान करते हुए एसपी कावेन्द्र सिंह सागर ने बताया कि मुक्ताप्रसाद नगर के मकान नंबर 4/13 में रहने वाले बुजुर्ग दंपती आर्मी से रिटायर्ड गोपाल वर्मा (67) और उनकी पत्नी निर्मला वर्मा (60) का शव 15 जुलाई को घर में मिला था, जिसके बाद गुरुवार को उनका पोस्टमार्टम हुआ। एसपी कावेन्द्र सिंह ने बताया कि 13.07.2025 को रात्रि करीब 09-10 पीएम के बीच घर में घुसकर वृद्ध दम्पती का गला घोंटकर हत्या कर दी व मकान में तलाशी कर जेवरात व नगदी लूटकर ले गये व जाते समय मुख्य द्वार पर ताला लगा गये ताकि किसी को शक नहीं हो व घटना का पता नही लगे। मुख्य षडयन्त्रकर्ता अरूण औझा व उसकी पत्नी प्रियंका मृतकगण के मकान में बतौर किरायेदार निवास करते थे, जहां पर पत्नी प्रियंका के माता-पिता व भाई भी आकर रुकते थे। इसी दौरान मकान मालिक से बात होने के कारण अरुण औझा द्वारा मकान खाली कर दिया गया परन्तु अरूण औझा के ससुर कर्मवीर व साला प्रियांशु मृतक मकान मालिक गोपाल वर्मा के लगातार सम्पर्क में थे। आरोपियों ने षडयन्त्रपूर्वक वृद्ध दम्पती का अकेला निवास करना जानकार अन्य पूर्ण प्लानिंग से बाहर के अन्य आरोपियों की सहायता से हत्या कर दी।
मर्डर से पहले टीवी की आवाज तेज की…
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने हत्या के दौरान हॉल में लगे टीवी की आवाज तेज कर दी जिससे आवाज बाहर नहीं जा सके। पुलिस ने मुख्य सूत्रधार अरूण औझा को डिटेन कर घटना की जानकारी ली व कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए कुल तीन आरोपीगणों को गिरफतार करने तथा अन्य तीन आरोपीगणों को नामजद करने में सफलता प्राप्त की है। वर्तमान में टीमों द्वारा अन्य आरोपीगणों की तलाश जारी है। गौरतलब है कि वर्मा दंपती के 2 बेटे हैं और दोनों ही बीकानेर में नहीं रहते। ऐसे में दोनों से रोज फोन पर बात होती थी। रविवार की रात से ही दोनों के फोन बंद आ रहे थे। ऐसे में बेटों ने ही किसी को भेजकर घर पर पता किया।
पुलिस की सात टीमों ने किया खुलासा
पुलिस की 7 टीमों ने 80 से अधिक सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल डेटा के आधार पर आरोपियों को ट्रेस किया। पैसे और सम्पत्ति के लालच में यह वारदात की गई है। तथा सभी उत्तर प्रदेश और बीकानेर के निवासी बताए गए हैं। तीन आरोपियों अरुण, प्रिया और रोहित को दबोचा गया है। मामले में एएसपी सौरभ तिवारी, थानाधिकारी विजेन्द्र सिला, विक्रम तिवारी, विश्वजीत सिंह, जसवीर और साइबर सेल के दीपक यादव की अहम भूमिका रही।

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