गुरु पूर्णिमा पर भामाशाह नरसी कुलरिया का संदेश… देखें वीडियो
जिस पर गुरु की कृपा होती है उस पर सब ग्रह-नक्षत्रों और साक्षात् ईश्वर का स्नेह बरसता है : नरसी कुलरिया
ईश्वर और मनुष्य के बीच जो सेतु व पुल है वही गुरु है। कहा भी गया है ‘गुरु बिना ज्ञान नहीं…. और ज्ञान होगा तभी ईश्वर मिल पाएंगे। अर्जुन को दिव्य ज्ञान श्रीकृष्ण को गुरु रूप में स्वीकार करने के बाद मिला। यह उद्गार देश के सुविख्यात भामाशाह नरसी कुलरिया ने सुजानदेसर स्थित सालमनाथ धोरे पर आयोजित गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान व्यक्त किए। भामाशाह नरसी कुलरिया ने कहा कि सद्गुरु ही अपने शिष्य की धारणाओं को सही दिशा देता है, सद्गुरु ही अनुभव कराता है कि भगवान केवल जिंदगी देता है, पर जिंदगी का उपयोग करना सीखना पड़ता है। यहीं से व्यक्ति में जागरण प्रारम्भ होता है। जैसे माता-पिता जन्म देते हैं, पर कत्र्तव्य पूरा करके जिंदगी स्वयं जीनी पड़ती है। हर महानता के पीछे एक शक्ति दिखाई देती है, वह गुरु की शक्ति है। सारे महान व्यक्तियों के सामथ्र्य के पीछे समर्थ गुरु की शक्ति होती है।
इस धरा पर गुरु द्वारा स्थापित असंख्य तीर्थ भी हमें सम्हालते हैं। अकाल मृत्यु का योग तक टालते हैं। वास्तव में तीर्थ, गुरु व संत आरोग्य देने, भाग्य बदलने व अकाल मृत्यु को टालने तक में सक्षम होते हैं। श्रीश्री 1008 गुरुदेव सालमनाथजी महाराज के परम शिष्यश्रीशिवमुनिनाथजी महाराज का तथा पूज्य गुरु श्रीफकडऩाथजी महाराज का पूजन किया गया। गुरु पूजन के साथ ही महादेव का अभिषेक व पूजन किया गया।
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