अहंकार की उत्पति ही व्यक्ति के पतन का कारण : राकेश भाई पारीक
श्रीमद्भागवत कथा में बताई प्रभु नाम की महिमा, गुरुवार को मनाएंगे श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, संतों का होगा समागम
बीकानेर। अहंकार ने हमेशा सर्वनाश किया है, व्यक्ति ने चाहे कितने भी सुकर्म किए हो और कितना भी विद्वान हो, यदि जरा भी अहंकार कर लिया तो पतन होना निश्चित है। यह उद्गार गौरक्ष धोरा श्रीनखत बन्ना मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस कथा वाचक राकेश भाई पारीक ने व्यक्त किए। पारीक ने शिव और सती का प्रसंग सुनाकर गृहस्थ के लिए संबोधित किया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को निर्भिमानी होना चाहिए, अभिमान के कारण दक्ष को बकरे का सिर लगाया गया। ऋषभदेवजी महाराज व अजामिल का उपाख्यान सुनाकर भगवान के नाम की महिमा बताई।

अजामिल पापी होते हुए भी मरते समय नारायण का नाम लेकर परम गति को प्राप्त की। आयोजन से जुड़े प्रवीण भाटी ने बताया कि गौरक्ष धोरा श्रीनखत बन्ना धाम के पीठाधीश्वर योगी रामनाथजी महाराज द्वारा चंपालाल गेधर, उदासर के पूर्व सरपंच रामलाल और जिला परिषद सदस्य जितेंद्र कस्वां का कथा के दौरान अभिनन्दन किया गया। भाटी ने बताया कि भागवत कथा की पांचवें दिवस गुरुवार को संत समागम व श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इस दौरान छोटे बच्चे कान्हा का रूप धरेंगे और श्रीकृष्ण लीलाओं का मंचन होगा।

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