छ: हजार लोगों ने खाद्य सुरक्षा योजना से हटवाया नाम
बीकानेर। खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र परिवारों का स्वेच्छा से नाम हटाने के लिए चलाए जा रहे गिव अप अभियान के तहत जिले में अब तक लगभग 6 हजार लोगों ने स्वेच्छा से लाभ परित्याग किया है। जिला रसद अधिकारी-द्वितीय भागूराम महला ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आमजन में जागरूकता बढऩे से योजना से जुड़े सक्षम व्यक्ति अपना नाम हटाने के लिए आगे आ रहे हैं। अभियान की महत्ता समझते हुए अपात्र परिवारों ने अपना आवेदन पत्र कार्यालय में जमा करवा रहे हैं।राज्य सरकार के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस ‘गिव अप अभियान’ के तहत राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की सूची में शामिल लाभार्थी स्वेच्छा से अपना नाम हटवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि 31 जनवरी 2025 के पश्चात स्वेच्छा से नाम ना हटाने वाले अपात्र लाभार्थियों के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। जिला रसद अधिकारी ने बताया कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा की सूची में शामिल ऐसे सक्षम लाभार्थियों को चेतावनी दी गई हैं।
ऐसे अपात्र परिवारों को 31 जनवरी 2025 तक स्वेच्छा से नाम हटवाने का मौका दिया जा रहा है। उसके बाद अपात्र लोगों के विरूद्ध राशि वसूली एवं विधिक कार्रवाई की जाएगी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का असल उद्देश्य गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा कवच प्रदान करना है। गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उचित एवं वहनीय कीमत पर उपलब्ध करवाकर खाद्यान्नों तक निर्धन परिवारों की पहुंच सुनिश्चित करने हेतु राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 लागू किया गया था। जिला रसद अधिकारी ने बताया कि सक्षम परिवारों को नाम हटवाने के लिए निकटतम उचित मूल्य दुकानदार के माध्यम से प्रार्थना पत्र मय राशनकार्ड एवं आधार कार्ड के जिला रसद अधिकारी कार्यालय में प्रस्तुत करने का पुन: अनुरोध किया जा रहा है?। 31 जनवरी के बाद अपात्र व्यक्तियों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार खाद्य सुरक्षा योजना से नाम हटाने तथा अन्य समुचित प्रावधानों (गेंहू की राशि वसूली सहित) के तहत कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में बीकानेर जिले में 3 लाख 1 हजार 682 परिवारों के 13 लाख 5 हजार 431 सदस्य इस योजना में शामिल हैं।

खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की अधिसूचना के तहत ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के लिए क्रमश: 06 एवं 07 निष्कासन की श्रेणियां निर्धारित हैं जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत अपात्र है। जिनमें आयकर दाता, सरकारी/अर्द्ध सरकारी कार्मिकों एवं पेंशनर, एक लाख से अधिक वार्षिक आय वाले, निजी चार पहिया वाहनधारक, नगर निगम क्षेत्र में 1000 वर्गफीट, नगर पालिका क्षेत्र में 1500 वर्गफीट तथा ग्रामीण क्षेत्र में 2000 वर्गफीट से अधिक बड़ा पक्का आवासीय/व्यवसायिक परिसर धारक एवं निर्धारित सीमा से अधिक कृषि भूमि धारक परिवार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के निष्कासन की श्रेणी में आते हैं और इस योजना हेतु अपात्र हैं।
अपात्र या सक्षम परिवार के मुखिया स्वेच्छा से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना में लाभ परित्याग हेतु साधारण प्रार्थना पत्र जिसमें उसका नाम, पता, राशनकार्ड नंबर तथा मोबाइल नंबर अंकित कर हस्ताक्षर सहित निकटतम उचित मूल्य दुकान या उपखंड अधिकारी कार्यालय अथवा जिला रसद कार्यालय में जमा करवा सकते हैं । लाभ परित्याग का आवेदन पत्र प्रत्येक उचित मूल्य दुकानों पर मुफ्त में उपलब्ध है।
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