एसआई भर्ती मामला : 2021 परीक्षा देने वाले ओवरएज उम्मीदवार नई भर्ती हो सकेंगे शामिल
]राजस्थान हाई कोर्ट की ओर से सब-इंस्पेक्टर (एसआई) भर्ती 2021 को रद कर दिया है। कोर्ट की ओर से यह फैसला भर्ती में पेपर लीक गड़बड़ी के चलते लिया गया है। इसके अलावा कोर्ट के आदेश के मुताबिक 2021 की भर्ती में शामिल रहे उम्मीदवार जो ओवरएज हो चुके हैं वे भी 2025 एसआई पदों की भर्ती में आवेदन कर सकेंगे। भर्ती रद्द करने का फैसला जस्टिस समीर जैन की खंडपीठ द्वारा सुनाया गया है। कोर्ट ने यह निर्णय 14 अगस्त को सुनवाई पूरी होने के बाद सुरक्षित रखे गए फैसले में दिया है। इस भर्ती में गड़बड़ी के आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में पिछले वर्ष 13 अगस्त को याचिकाएं दाखिल की गई थीं, जिनमें पूरी प्रक्रिया को रद्द करने की मांग की गई थी। राजस्थान हाई कोर्ट की ओर से एसआई भर्ती परीक्षा को लेकर कोर्ट ने 18 नवंबर 2024 को ट्रेनिंग ले रहे सब इंस्पेक्टर्स की पासिंग आउट परेड और नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा है कि इस भर्ती परीक्षा में बड़े पैमाने पर नकल हुई थी। इस भर्ती परीक्षा में कई गड़बडिय़ां देखने को मिली थीं। इसमें नकल के साथ ही कई डमी कैंडिडेट की बैठने की खबर सामने आई थी।
परीक्षा में गड़बडिय़ां पाए जाने के बाद सरकार ने एसओजी को इसकी जांच करने का जिम्मा दिया था। एसओजी जांच में डमी कैंडिडट होने की बात सच हुई है इसके बाद 50 ट्रेनी सब-इंस्पेक्टर, राजस्थान लोक सेवा आयोग के दो सहित कुल 150 लोगों को गिरफ्तार किया गया था इससे पहले कल राजस्थान हाई कोर्ट की न्यायमूर्ति आनंद शर्मा की एकलपीठ ने रामगोपाल व अन्य याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई करते हुए फैसला दिया गया था। कोर्ट ने फैसले में आदेश दिया था 2021 की भर्ती में शामिल रहे उम्मीदवार जो अब ओवरएज हो चुके हैं, वे भी 2025 में निकाली गई 1015 एसआई पदों की भर्ती में आवेदन करने के लिए पात्र रहेंगे। याचिकाकर्ता के वकील हरेंद्र नील ने मीडिया को बताया कि कोर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पेपर लीक में क्रक्कस्ष्ट के 6 सदस्यों की संलिप्तता थी. उन्होंने बताया कि तत्कालीन चेयरमैन के घर पर आरोपी बाबूलाल कटारा गए थे, ताकि कुछ अभ्यर्थियों को फायदा पहुंचाया जा सके, जिसकी पुष्टि कोर्ट ने भी की है. कोर्ट ने कहा कि जब पेपर पूरे प्रदेश में फैला और ब्लूटूथ गिरोह तक पहुंच गया था, तो कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए यह भर्ती मान्य नहीं हो सकती.
शिवराज ने ‘बिश्नोई गैंग’ शब्द पर जताई आपत्ति
अखिल भारतीय जीव रक्षा बिश्नोई सभा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिवराज बिश्नोई ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र भेजकर बताया है कि न्यायालय ने 202 पेज के फैसले में कई बार ‘बिश्नोई गैंगÓ शब्द का इस्तेमाल किया हैं जो कतई उचित नहीं प्रतीत होता। पत्र में कहा कि बिश्नोई गैंग वाक्य से सम्पूर्ण बिश्नोई संप्रदाय की भावनाएं आहत हुई हैं। बिश्नोई सभा ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि बिश्नोई गैंग शब्दों को इस फैसले से हटाकर पूरे बिश्नोई सम्प्रदाय की भावनाओं का सम्मान करें।

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