राजस्थान सीएसआई कान्फ्रेन्स का हुआ शुभारंभ, कार्डियोलॉजी जगत में हो रहे नवाचारों पर हुआ मंथन
शिवरतन अग्रवाल एवं मनोहर अग्रवाल को चिकित्सा विभूषण पुरस्कार से किया सम्मानित
बीकानेर। चिकित्सा जगत में हो रही नवीन तकनीकों का लाभ देश के अंतिम छोर तक पहुंचे तथा धन के अभाव में गरीब एवं जरूरतमंद मरीज उपचार से वंचित न रहे। यह बात कार्डिक सर्जन डॉ. नरेश त्रेहान ने राजस्थान सीएसआई कान्फ्रेंस में संबोधन के दौरान बतौर मुख्य अतिथि के रूप में कही। शनिवार को होटल लालगढ़ पैलेस में राजस्थान सीएसआई कॉन्फ्रेन्स 2024 का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पद्मभुषण डॉ. नरेश त्रेहान, विशिष्ट अतिथि पद्मभुषण डॉ. तेजस पटेल एवं डॉ. संजय त्यागी, मुख्य संरक्षक डॉ. राजाबाबू पंवार आयोजन सचिव डॉ. पिण्टू नाहटा व डॉ. डी.के. अग्रवाल एवं प्राचार्य एसपीएमसी डॉ. गुंजन सोनी, डॉ. दिनेश चौधरी ने दीप प्रज्जवलित कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कान्फ्रेंस के दौरान डॉ. राजा बाबू पंवार को बीकानेर में हृदय रोग विभाग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड दिया गया। इनके साथ ही सीएसआई पूर्व अध्यक्ष ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सांइसेज में हृदयरोग विभाग के पूर्व प्रोफेसर डॉ. केसी गोस्वामी को अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने को लेकर लाइफ टाइम अचीमेंट अवॉर्ड दिया। आयोजन समिति के सचिव डॉ. पिण्टू नाहटा ने बताया कि भारत के प्रत्येक कोने से विशिष्ट चिकित्सकों ने इस आयोजन में भाग लिया। इस कॉन्फ्रेंस के मुख्य आकर्षक बिन्दु रहे डॉ. तेजस पटेल का व्याख्यान रहा, इन्होंने एंजियोग्राफी एवं एंजियोप्लास्टी की कई अनसूनी बातों का प्रस्तुत किया। इस कॉन्फ्रेंस में देश विदेश के करीब 120 चिकित्सकों ने अपने क्षेत्रों के उल्लेखनीय कार्यों का अनुभव को प्रस्तुत किया।
कान्फ्रेंस के साइंटिफिक प्रोग्राम का प्रबंधन डॉ. दिनेश चौधरी ने किया। इस दौरान सोविनियर का विमोचन मुख्य अतिथियों द्वारा किया गया। आयोजन सचिव डॉ. देवेन्द्र अग्रवाल ने आभार प्रकट किया। कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के राजस्थान चैप्टर द्वारा आयोजन द्वितीय वार्षिक कॉन्फ्रेंस 2024 के दौरान सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के हृदय रोग विभाग द्वारा शिवरतन अग्रवाल एवं मनोहर अग्रवाल को चिकित्सा विभुषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस दौरान गणेश अग्रवाल, रमेश अग्रवाल, आशाराम व्यास, डॉ. जितेन्द्र आचार्य आदि उपस्थित रहे।