नीईओ-बी का हुआ शुभारम्भ, बच्चों को अबेकस के साथ मिलेगी नैतिकता की सीख
नीईओ-बी बच्चों के नैतिक विकास में अहम कड़ी : विजेता शंगारी
जयपुर। बच्चों को अबेकस शिक्षा के साथ नैतिकता व अनुशासन की सीख मिले इसी उद्देश्य से जयपुर में कॉन्स्टीट्यूशन क्लब ऑफ राजस्थान के मारवाड़ लाउंज में नीईओ-बी का शुभारंभ गुरु पूर्णिमा को किया गया। नीईओ-बी की फाउंडर डायरेक्टर विजेता शंगारी ने बताया कि जाजम फाउंडेशन के सीइओ विनोद जोशी व पौद्दार ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यशन के डॉ. आनन्द पौद्दार द्वारा शुभारम्भ किया गया।

इस दौरान अंशु हर्ष, सोमेन्द्र हर्ष, राजेन्द्र सिंह, ममता शर्मा, सीएल वर्मा का सान्निध्य रहा। कार्यक्रम में बीेकानेर कलस्टर हैड रूपसा बोथरा, झोटवाड़ा व वैशाली कलस्टर हैड रितु अग्रवाल, फ्रेंचाइजी पार्टनर मानसरोवर रितिका माहेश्वरी, फ्रेंचाइजी पार्टनर बरकत नगर प्रिया भारद्वाज एवं फ्रेंचाइजी पार्टनर सीकर कृतिका दीक्षित उपस्थित रहीं। फाउंडर डायरेक्टर विजेता शंगारी ने बताया कि इस संस्था का उद्देश्य आधुनिक शिक्षा को किताबों और अंकों से आगे ले जाना है। नीईओ-बी एक ऐसा मंच है जहां बच्चों को सुना और समझा जाएगा।

उन्होंने कहा कि आज का बच्चा संवेदनशील और तेज है, उसे बस सही दिशा की जरूरत है। सह-संस्थापक प्रियांका गुण ने बताया कि संस्था का लक्ष्य है कि हर बच्चा आत्मविश्वासी बने और समाज में सक्रिय भूमिका निभाए। संस्था का मानना है कि आधुनिकता और परंपरा का संतुलन आवश्यक है। नीईओ-बी के माध्यम से बच्चों के व्यक्तित्व का समग्र विकास किया जाएगा। साथ ही उन्हें ऐसा मंच मिलेगा जहां वे अपनी भावनाओं और विचारों को स्वतंत्र रूप से व्यक्त कर सकें। पाँच मुख्य मूल्य इस अभियान की नींव हैं : समावेशिता – हर बच्चे को समान अवसर और सम्मान, आशावादिता- हर परिवार के लिए उम्मीद और सकारात्मक दृष्टिकोण, लचीलापन बदलती जरूरतों के अनुसार कार्यक्रम में सुधार, प्रतिबद्धता और पारदर्शिता शिक्षा और सेवा में उच्चतम मानक और सार्थक प्रभाव समाज में ठोस बदलाव के साथ जिम्मेदार विकास।
बीकानेर में भी नीईओ-बी शुरू, अबेकस के साथ बच्चे सीख रहे नैतिकता का पाठ : रूपसा बोथरा
बीकानेर कलस्टर हैड रूपसा बोथरा ने बताया कि जयपुर में लाँचिंग के साथ ही बीकानेर में भी नीईओ-बी का शुभारम्भ हो गया है। रूपसा बोथरा ने बताया कि 6 से 12 वर्ष तक के बच्चों को अबेकस के साथ अब नैतिक मूल्यों के बारे में बताया जाएगा। अबेकस अंकगणितीय गणनाओं को आसान बनाकर गणित के डर को दूर करता है। अबेकस शिक्षा, न केवल गणित में सुधार करती है और गणित में रुचि पैदा करती है, बल्कि यह समग्र शैक्षणिक कौशल में सुधार करने में मदद करती है और दिन-प्रतिदिन की चुनौतियों से निपटने में मदद करती है और आत्मविश्वास की समस्या को सुलझाने की क्षमता को बढ़ाती है। अधिक मानसिक क्षमता के साथ छोटे बच्चे आसानी से मस्ती के साथ संख्या सीखते हैं। अबेकस के साथ नीईओ-बी के माध्यम से आदर, अनुशासन, टाइम मैनेजमेंट आदि के बारे में जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही माता-पिता व अपने से बड़ों का आदर करना व बिना किसी दबाव तथा तनाव के हर परिस्थिति को संभालने की सीख दी जाती है। नैतिकता का पतन रुके तथा सही-गलत की पहचान हो सके ऐसी शिक्षा का समावेश रहेगा। रूपसा बोथरा ने बताया कि वर्तमान युग में डिजिटल का प्रभाव बढ़ चुका है, इसमें जो नहीं चाहिए उससे दूर रहने की सीख दी जाएगी।
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