राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज के कोट धूणी तप के 18 वर्ष हुए पूर्ण, दो दिवसीय आयोजन 4 जून से
बीकानेर। राष्ट्रीय संत श्री सरजूदास जी महाराज के कोट धूणी तप का पूर्णाहुति कार्यक्रम 4 व 5 जून को गंगाशहर-सुजानदेसर स्थित रामझरोखा कैलाशधाम में किया जाएगा। राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज ने बताया कि परम पूज्य श्री सियाराम जी के आशीर्वाद से एवं परम पूज्य श्रीश्री 1008 महंत श्री रामदास जी महात्यागी जी गुरु महाराज की कृपा से कोट धूनी तप अनुष्ठान की पूर्णाहुति होने जा रही है। 4 जून बुधवार को प्रात: 8 बजे से रामायण पाठ एवं 5 जून, गुरुवार को गुरु वंदन, आरती, पूजन, हवन धूणी पूर्णाहुति एवं भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
गौरतलब है कि राष्ट्रीय संत श्री सरजूदासजी महाराज का द्वारा बसन्त पंचमी से गंगादशहरे तक रोजाना तीन घंटे तक कोट धुनि का अनुष्ठान विगत 18 वर्षों से किया जाता रहा है। लगातार चार माह तक चलने वाले इस तप की अवधि 1८ वर्ष होती है। साधना में मूल रूप से राम नाम के मंत्र का जप किया जाता है। यह तप स्वयं के लिए नहीं बल्कि संसार कल्याण के लिए होता है। खास बात यह है कि इस बार महाकुंभ प्रयागराज अखाड़े के दौरान भी श्री सरजूदास जी महाराज ने संगम तट के समीप कोटधुनी तप किया।

श्री मक्खन जोशी की पुण्यतिथि पर चलेगा ‘हमारी संस्कृति, हमारी विरासत’ अभियान, बुधवार को होगी शुरुआत
आस्था और समर्पण का केन्द्र बना कैंसर पीडि़तों का आश्रम : पवन धूपड़
शशिकला राठौड़ ने कांग्रेस महिला कार्यकारिणी की घोषणा की, वरिष्ठ नेताओं का हुआ अभिनंदन
पर्ल हाइट्स अपार्टमेंट ऑनर्स एसोसिएशन के चुनाव सम्पन्न, अनिल कोठारी बने अध्यक्ष
स्व. रामरतन कोचर 29वां साहित्यकार पुरस्कार के लिए यूपी के आचार्य देवेन्द्र कुमार देव का हुआ चयन
प्रयागराज माघ मेले में महात्यागी नगर खालसा बीकानेर वाले का हुआ शुभारम्भ, पूज्य गुरु महाराज श्री रामदास जी महाराज ने किया ध्वज पूजन