संसद में घुसपैठ के मास्टरमाइंड ने नागौर में जलाए मोबाइल
संसद में घुसपैठ का मास्टरमाइंड ललित झा घटना का वीडियो बनाकर दिल्ली से राजस्थान भाग आया था। वह नागौर के कुचामन में महेश कुमावत और उसके मौसेरे भाई कैलाश से मिला था। कुचामन के त्रिसिंगिया गांव के पास मेगा हाईवे पर स्थित ढाबे पर तीनों ने रात बिताई और यहीं ललित ने 4 मोबाइल अलाव में डाल दिए। बचे हुए टुकड़ों को ढाबे से कुछ दूर सड़क के पार फिर से जला दिया। शनिवार रात को दिल्ली पुलिस कुचामन पहुंची और ललित व महेश की निशानदेही पर ढाबे के पास से मोबाइलों के अधजले टुकड़े बरामद कर लिए। ललित ने 14 दिसंबर को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।
पूछताछ में उसने फोन जलाने की बात कही थी। दरअसल, दिल्ली में 13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा को भेदकर पीले रंग का धुआं उड़ाने की वारदात के बाद पुलिस ने 4 आरोपियों (सागर, मनोरंजन, नीलम व अमोल) को गिरफ्तार कर लिया था। ललित ने संसद में पूरे घटनाक्रम का वीडियो बनाया और इसके बाद चुपचाप वहां से निकल गया। उसने वीडियो वायरल किए और पुलिस से बचने के लिए 13 दिसंबर की रात को ही दिल्ली से कुचामन पहुंच गया। यहां पहले से तैयार महेश और उसके मौसेरे भाई कैलाश ने उसके कुचामन में रात बिताने की व्यवस्था की। महेश लोकल बॉय था, इसलिए उसने ललित के रेलवे स्टेशन के नजदीक त्रिसिंगिया स्थित शिव होटल एवं रेस्टोरेंट नाम के ढाबे पर रात में सोने की व्यवस्था कर दी।

तीनों ने इसी ढाबे पर एक चारपाई पर सोकर रात बिताई। ढाबा रेलवे स्टेशन के पास है, ऐसे में जांच टीम यह भी पता कर रही है कि ललित यहां तक ट्रेन से पहुंचा या बस से। ललित को ठहराने का टास्क मिला तो महेश ने दिन में रेकी की थी। वह आश्वस्त हो गया था कि ढाबे पर नहीं है। इसलिए उसने इस जगह का चुनाव किया।
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