खल्लास होगा खालिस्तानी आतंकियों का आतंक
भारत ने पाकिस्तानी आतंकियों के साथ अब खालिस्तानी आतंकियों को भी खल्लास करने की तैयारी कर ली है। इसके सबसे पहले चरण में विदेशों में बैठे आतंकियों को पहचान कर उनके भारत आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं इनकी संपत्तियों को भी अब जब्त करने की पूरी तैयारी है। राष्ट्रीय जांच अभिकरण ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की संपत्ति जब्त करने के साथ कार्रवाई शुरू भी कर दी है। जांच अभिकरण ने शनिवार को ही आतंकी पन्नू की चंड़ीगढ़ और अमृतसर में स्थित संपत्ति को जब्त कर लिया है। गृह मंत्रालय के आदेश पर अमरीका, कनाडा, पाकिस्तान, आस्ट्रेलिया, यूएई और ब्रिटेन में 19 खालिस्तानी आतंकियों की पहचान हुई है। अब यह आतंकी कभी भी भारत नहीं आ सकते हैं। गृह मंत्रालय ने इन देशों में बैठे खालिस्तानी आतंकियों की पहचान करने व इन्हें भारत आने से रोकने के लिए इनकी भारतीय विदेशी नागरिका कार्ड को रदद करने का निर्देश जारी कर दिया है।

इसके साथ ही इनकी संपत्ति जब्त करने के लिए चिंहिकरण शुरू हो चुका है। इन आतंकियों की संपत्ति यूए(पी)ए की धारा 33(5) के तहत जब्त की जाएगी। यूके में परमजीत सिंह पम्मा, कुलवंत सिंह मुथड़ा, सुखपक सिंह, सरबजीत सिंह बेनूर, कुलवंत सिंह उर्फ कांता, एस. हिम्मत सिंह, गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा, गुरप्रीत सिंह उर्फ बाघी, यूएस में हैरियट सिंह उर्फ राणा सुंघ, जेएस धालीवाल, अमरदीप सिंह पुरेवाल, हरजाप सिंह उर्फ जप्पी दिंघ, कनाडा में जसबित सिंह रोडे, जतिंदर सिंह ग्रेवाल, पाकिस्तान में रणजीत सिंह नीता, वाधवा सिंह बब्बर उर्फ चाचा, यूएई में जैस्मीन सिंह हकीमजादा, ऑस्ट्रेलिया में गुरजंत सिंह ढिल्लों आदि आतंकी थे।
इससे पहले भी सुरक्षा एजेंसियों ने विदेशों में रहने वाले 11 गैंगेस्टरों और आतंकियों की पहचान की थी। भारतीय एजेंसियों ने यह बताया गया था कि ये सब वर्तमान में कनाडा, अमरीका और पाकिस्तान में रह रहे हैं। इनमें से आठ संदिग्ध तो कनाडा में ही बैठकर आतंक फैला रहे हैं। भारत सरकार ने पन्नून को 1 जुलाई 2020 को आतंकी करार दिया था। पन्नून सोशल मीडिया पर सक्रिय पंजाबी गैंगस्टरों और युवाओं को खालिस्तान राज्य उकसाता है। 10 जुलाई 2019 को इसके संगठन एसएफजे को गैरकानूनी संघ घोषित कर दिया गया था। एनआईए जांच में पाया कि पन्नून “एसएफजे का मुख्य संचालक और नियंत्रक था। उसका संगठन सिख्स फॉर जस्टिस, भोले-भाले युवाओं को कट्टरपंथी औरखल्लास होगा 19 खालिस्तानी आतंकियों का आतंक, ओसीआई कार्ड किया जाएगा रद्द
भारत ने पाकिस्तानी आतंकियों के साथ अब खालिस्तानी आतंकियों को भी खल्लास करने की तैयारी कर ली है। इसके सबसे पहले चरण में विदेशों में बैठे आतंकियों को पहचान कर उनके भारत आने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। वहीं इनकी संपत्तियों को भी अब जब्त करने की पूरी तैयारी है। राष्ट्रीय जांच अभिकरण ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू की संपत्ति जब्त करने के साथ कार्रवाई शुरू भी कर दी है। जांच अभिकरण ने शनिवार को ही आतंकी पन्नू की चंड़ीगढ़ और अमृतसर में स्थित संपत्ति को जब्त कर लिया है। गृह मंत्रालय के आदेश पर अमरीका, कनाडा, पाकिस्तान, आस्ट्रेलिया, यूएई और ब्रिटेन में 19 खालिस्तानी आतंकियों की पहचान हुई है। अब यह आतंकी कभी भी भारत नहीं आ सकते हैं। गृह मंत्रालय ने इन देशों में बैठे खालिस्तानी आतंकियों की पहचान करने व इन्हें भारत आने से रोकने के लिए इनकी भारतीय विदेशी नागरिका कार्ड को रदद करने का निर्देश जारी कर दिया है। इसके साथ ही इनकी संपत्ति जब्त करने के लिए चिंहिकरण शुरू हो चुका है। इन आतंकियों की संपत्ति यूए(पी)ए की धारा 33(5) के तहत जब्त की जाएगी। यूके में परमजीत सिंह पम्मा, कुलवंत सिंह मुथड़ा, सुखपक सिंह, सरबजीत सिंह बेनूर, कुलवंत सिंह उर्फ कांता, एस. हिम्मत सिंह, गुरमीत सिंह उर्फ बग्गा, गुरप्रीत सिंह उर्फ बाघी, यूएस में हैरियट सिंह उर्फ राणा सुंघ, जेएस धालीवाल, अमरदीप सिंह पुरेवाल, हरजाप सिंह उर्फ जप्पी दिंघ, कनाडा में जसबित सिंह रोडे, जतिंदर सिंह ग्रेवाल, पाकिस्तान में रणजीत सिंह नीता, वाधवा सिंह बब्बर उर्फ चाचा, यूएई में जैस्मीन सिंह हकीमजादा, ऑस्ट्रेलिया में गुरजंत सिंह ढिल्लों आदि आतंकी थे।
इससे पहले भी सुरक्षा एजेंसियों ने विदेशों में रहने वाले 11 गैंगेस्टरों और आतंकियों की पहचान की थी। भारतीय एजेंसियों ने यह बताया गया था कि ये सब वर्तमान में कनाडा, अमरीका और पाकिस्तान में रह रहे हैं। इनमें से आठ संदिग्ध तो कनाडा में ही बैठकर आतंक फैला रहे हैं। भारत सरकार ने पन्नून को 1 जुलाई 2020 को आतंकी करार दिया था। पन्नून सोशल मीडिया पर सक्रिय पंजाबी गैंगस्टरों और युवाओं को खालिस्तान राज्य उकसाता है। 10 जुलाई 2019 को इसके संगठन एसएफजे को गैरकानूनी संघ घोषित कर दिया गया था। एनआईए जांच में पाया कि पन्नून “एसएफजे का मुख्य संचालक और नियंत्रक था। उसका संगठन सिख्स फॉर जस्टिस, भोले-भाले युवाओं को कट्टरपंथी और आतंकी बनाने के लिए उकसा रहा था। आतंकी बनाने के लिए उकसा रहा था।
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