इन छोटे-छोटे ट्रिक्स को अपनाएं, फिट भी और हिट भी रहेंगे
हमेशा फिट और चुस्त बने रहे हैं और सभी लोग अपकी फिटनेस की तारीफ करें तो आप इस नियम को फॉलो करते हैं तो निश्चित ही आप हमेशा फिट और जवान बने रहेंगे।
आयुर्वेद अपनाएं : आयुर्वेद के अनुसार व्यक्ति की प्राकृतिक उम्र 120 वर्ष होती है परंतु व्यक्ति 70 से 90 के बीच मर जाता है। कुछ तो 50 में ही स्वर्ग पहुंच जाते हैं। रूस के साइबेरिया के जंगलों में एक औषधि पाई जाती है जिसे जिंगसिंग कहते हैं। चीन के लोग इसका ज्यादा इस्तेमाल करके देर तक युवा बने रहते हैं। भारत में भी इस तरह की कई जड़ी बूटियों का आयुर्वेद में उल्लेख मिलता है। कहते हैं कि सोमवल्ली, इफेड्रा, कीड़ा घास, संजीवनी बूटी, बेल, आंवला, ब्राह्मी, जटामासी, शंखपुष्पी, जपा, हरड़, मयूर कंद, धोली मूसली, मखनफल (एवोकैडो), आदि आपकी बढ़ती आयु को रोकने में सक्षम है। इनके बारे में विस्तार से जानकर इनका किसी आयुर्वेदाचार्य से सलाह लेकर ही सेवन करना चाहिए।

प्राणायाम : वायु का शुद्ध होना जीवन की दीर्घता के लिए बेहद जरूरी है। वायु से ही आयु है। प्रदूषण में जी रहे हैं तो आयु घटती रहेगी। अत: उचित वातावरण में रहें या फिर मास्क लगाकर रखें और प्रात:काल प्राणायाम नियमित रूप से करें। वायु, प्राण, व्यान, अपान, समान आदि वायुओं से मन को रोकने और शरीर को साधने का अभ्यास करना ही असल में प्राणायाम है। प्राणायाम में अनुलोम-विलोम करें। जलनेति से भी प्राणवायु ठीक होती है। शुद्ध वायु के बाद शुद्ध जल जरूरी है। जल का अलग-अलग तरह से सेवन करने से सभी तरह के रोग में लाभ मिलता है। कहते हैं जल को आराम से घुंट घुंण कर ग्रहण करना चाहिए। जल को पीतल या तांबे के गिलास में ही पीना चाहिए।
अंग संचालन : कसरत नहीं, जिम वाला व्यायाम नहीं, अखाड़े वाला व्यायाम नहीं, योग के आसन भी नहीं। बस योग का अंग संचालन वाला नियमित व्यायाम करना चाहिए। अंग संचालन के अंतर्गत सभी अंगों को बारी बारी से संचालित किया जाता है। ऐसा नहीं कर सकते हैं तो कम से कम 10 मिनट दौड़ें या तैरें।
उपवास : उत्तम, सात्विक और स्वादिष्ट खाना ही खाएं। इसके अलावा सप्ताह में एक दिन उपवास जरूर करना चाहिए। उपवास से शरीर शुद्ध और निर्मल बनता है। यूनिवर्सिटी कालेज लंदन स्थित इंस्टिट्यूट औफ हैल्थ ऐजिंग के बुढ़ापे से निबटने के मकसद से आनुवंशिकी और लाइफस्टाइल फैक्टरों का अध्ययन कर रहे वैज्ञानिक भी उपवास के महत्व को मानते हैं। इंस्टिट्यूट में रिसर्च टीम से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. मैथ्यू पाइपर का कहना है कि आहार पर नियंत्रण जीवन को दीर्घायु बनाने का एक असरदार तरीका है। डॉ. पाइपर के मुताबिक यदि आप किसी चूहे के आहार में 40त्न की कमी कर दें तो वह 20 या 30त्न ज्यादा जीवित रहेगा। उनके जैसी राय रखने वाले कई अन्य वैज्ञानिकों का दावा है कि आहार पर नियंत्रण से मनुष्य का जीवनकाल भी बढ़ाया जा सकता है।

खुशी : जीवन में सुख और दु:ख सभी हालातों में खुश रहना सीख लें, क्योंकि सुख और दुख तो जीवन का हिस्सा है जो आते जाते रहते हैं। खुश रहने और हास्य योग करते रहने से आपका शरीर अलग तरह से प्रतिक्रिया करके वह सेहतमंद बना रहता है। खुश रहने से मानसिक तनाव में कमी आती है और शरीर की बीमारी से लडऩे शक्ति बढ़ती है। इससे हमारी प्राकृतिक नींद सही होती है। इससे हार्ट अटैक और ब्लड प्रेशर की संभावना भी कम हो जाती है। यह हमारी सेहत के लिए सबसे बड़ी दवाई है।
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